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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जजों की नियुक्ति में दखल ठीक नहीं

नई दिल्ली (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जजों की नियुक्ति और तबादले पर फैसला न्यायिक व्यवस्था के तहत किया जाता है। अत: इसमें किसी तरह का दखल देना ठीक नहीं। जस्टिस अकील कुरैशी के तबादले से जुड़ी गुजरात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष कोर्ट ने यह टिप्पणी की। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार की अधिसूचना आने तक इस याचिका पर सुनवाई रोक दी है। सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, जजों की नियुक्ति और तबादले न्यायिक व्यवस्था की बुनियादी प्रक्रिया हैं।

जस्टिस अकील कुरैशी के तबादले से जुड़ी गुजरात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष कोर्ट ने यह टिप्पणी की।

Supreme Court said that it is not right to interfere in the appointment of judges

इसमें न्यायिक समीक्षा गंभीर रूप से प्रतिबंधित है। इसलिए किसी तरह का हस्तक्षेप ठीक नहीं। गुजरात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने याचिका में सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम की सिफारिशें मानने का निर्देश देने की मांग की है। दरअसल, सीजेआई की अध्यक्षता में कॉलेजियम ने पहले जस्टिस कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अनुशंसा की थी। सरकार की आपत्ति के बाद आदेश में बदलाव कर उन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। सीजेआई, जस्टिस एसए बोबडे और एसए नजीर की पीठ ने एसोसिएशन की ओर से पेश वकील अरविंद दत्तार से कहा, याचिका पर सुनवाई केंद्र सरकार द्वारा अकील को त्रिपुरा हाईकोर्ट भेजने की कॉलेजियम की सिफारिश पर अधिसूचना जारी करने के बाद की जाएगी।

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