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सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले से जुड़ी सभी 18 पुनर्विचार याचिकाओं को किया खारिज

नई दिल्ली ( ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अयोध्या फैसले को लेकर दाखिल सभी 18 पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया है। बता दे कि शीर्ष अदालत ने पिछले माह 9 नवंबर को अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाकर विवादित जमीन रामलला को देने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ कई मुस्लिम पक्षकारों ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर की थी। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने फैसले के खिलाफ याचिका दायर की, वहीं निर्मोही अखाड़े ने भी अपनी कुछ मांगों को लेकर रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी। गुरुवार को चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने एकमत होकर रिव्यू पिटिशन को खारिज कर दिया।बता दें कि अयोध्या के ऐतिहासिक फैसले वाली पीठ में जस्टिस बोबड़े, डीवाई चंद्रचूड़ और अब्दुल नजीर भी शामिल रहे हैं।

चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की पीठ ने एकमत होकर खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले से जुड़ी सभी 18 पुनर्विचार याचिकाओं को किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले से जुड़ी सभी 18 पुनर्विचार याचिकाओं को किया खारिज

निर्मोही अखाड़ा ने अयोध्या फैसले के खिलाफ नहीं बल्कि शैबियत राइट्स, कब्जे और लिमिटेशन के फैसले पर याचिका दाखिल की थी।निर्मोही अखाड़े ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत से राम मंदिर के ट्रस्ट में भूमिका तय करने की भी मांग की थी। वहीं मुस्लिम पक्ष की तरफ से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईपीएलबी) और जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी याचिका डाली थी। इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए पहली याचिका 2 दिसंबर को मूल वादकारियों में शामिल एम सिद्दीक के वारिस और यूपी जमीयत उलमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना सैयद अशहद रशीदी ने दायर की थी। इस याचिका में 14बिंदुओं पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया गया था। याचिका में अपील थी कि बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण का निर्देश देकर ही इस प्रकरण में ‘पूरा न्याय’ हो सकता है। इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए अब मौलाना मुफ्ती हसबुल्ला, मोहम्मद उमर, मौलाना महफूजुर रहमान और मिसबाहुद्दीन ने दायर की हैं।ये सभी पहले मुकदमे में पक्षकार थे।

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