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संस्थापक से फिरौती मांगने का था आरोप, हुई थी 5 साल की सजा

नई दिल्ली (ईएमएस)। पेटीएम की वाइस प्रेजिडेंट सोनिया धवन की पेटीएम में धमाकेदार पुर्नवापसी हुई है। सोनिया अभी हाल ही में अपने पति रूपक जैन के साथ 5 महीने जेल की सजा काटकर आईं हैं और दोबारा पेटीएम ज्वाइन कर लिया है। पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा से 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी और कंपनी की पूर्व वाइस प्रेजिडेंट सोनिया धवन की कंपनी में फिर से एंट्री हुई है। ज्ञात हो कि पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा के पर्सनल डेटा चुराकर फिरौती मांगने के आरोप में पिछले साल अक्टूबर में सोनिया की गिरफ्तारी हुई थी। इस साल मार्च में इलाहाबाद हाईकोर्ट से पेटीएम के कम्‍यूनिकेशन और पब्लिक रिलेशन विभाग की वाइस प्रजिडेंट सोनिया को जमानत मिली है। इस केस में सोनिया करीब 5 महीने तक जेल में रहीं। मालूम हो कि सोनिया धवन को 22 अक्‍टूबर 2018 को पेटीएम के वरिष्‍ठ उपाध्‍यक्ष और विजय शेखर शर्मा के भाई अजय शेखर शर्मा की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्‍होंने अपने पति रूपक जैन और पेटीएम के अन्‍य कर्मचारियों के साथ मिलकर डेटा चुराया और इसके बदले अजय शर्मा से 20 करोड़ रुपए की फ‍िरौती मांगी। सोनिया पहले विजय शेखर की सेक्रेटरी थीं।

पेटीएम की वाइस प्रेजिडेंट सोनिया धवन की पेटीएम में धमाकेदार पुर्नवापसी हुई है।

Soniaसोनिया के प्रोफेशनल रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यह बेहद ही उम्दा रहा है। उन्होंने जनवरी 2010 में पेटीएम फाउंडर विजय शेखर की सेक्रेटरी के रूप में पेटीएम ज्वाइन किया था। फिर वो कंपनी में लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गईं। सोनिया इससे पहले टाइम्स इंटरनेट और केर्न इंडिया में बिजनेस आपरेशंस मैनेजर और कॉर्पोरेट आफिसर के रूप में काम कर चुकी थीं। सोनिया के पास नवंबर 2017 में कंपनी के 1400 शेयर थे। इसकी मौजूदा कीमत 3.2 करोड़ रुपए है और पेटीएम से सालाना 85 लाख रुपए कमाती थीं। सब कुछ बेहद ही शानदार तरीके से चल रहा होता है। तभी अचानक विजय शेखर शर्मा के पर्सनल डेटा चुराकर फिरौती मांगने के आरोप में पिछले साल अक्टूबर में सोनिया की गिरफ्तारी हो जाती है। सोनिया पर इल्जाम लगते हैं कि उन्होंने कंपनी का डेटा चोरी कर उसे सार्वजनिक करने की धमकी दी और इसके एवज में 10 करोड़ रुपये की मांग रखी थी। खबरों के अनुसार सोनिया ने पति और ऑफिस के दो साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। अजय शेखर के मुताबिक, 20 सितंबर को पहली बार थाईलैंड के वर्चुअल नंबर से डेटा लीक करने के लिए धमकी भरा फोन आया था दूसरे दिन उसी नंबर से विजय के पास भी फोन आया।

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