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शास्त्रों की रक्षा के लिए शस्त्रों का पूजन किया गया : श्री कौरव

अशोकनगर (ईएमएस)। विजयी दशमी पर्व असत्य पर सत्य की विजयी एवं अब अवगुणों पर गुणों की विजयी का पर्व है। भगवान श्रीराम ने अवगुण रूपी रावण को मारने के लिए नौ दिनों तक मां भवानी की आराधना कर दस वे दिन रावण को मारा था।
विजयी दशमी पर्व के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष में इस तरह छै पर्व मनाता है। इसी दिन डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना की थी। यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक रामवीर सिंह कौरव ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन आयोजन अवसर पर अपना बोद्धिक देते हुए कही।

डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना की थी।

शास्त्रों की रक्षा के लिए शस्त्रों का पूजन किया गया
शास्त्रों की रक्षा के लिए शस्त्रों का पूजन किया गया

श्री कौरव ने कहा कि देश में आजादी के पूर्व कांग्रेस द्वारा मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति अपनाई जाने के कारण डॉ.हेडगेवार द्वारा इसी दिन वर्ष 1925 में द्वारा संघ की स्थापना की गई थी। तत्पश्चात गुरू गोलवरकर जी द्वारा संघ के सरसंघचालक बनने के पर महात्मा गांधी की हत्या गोडसे से द्वारा की जाने पर संघ पर पूरे देश में प्रतिबंध लगा दिया गया था, जबकि स्वयं गोडसे ने इसे अपने निजी विचार बताते हुए संघ से कोई संबंध होने से इंकार किया था। संघ के स्वयं सेवक सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित होकर बिखरे हिन्दु समाज को एकत्रित करने का कार्य करते चले आ रहे हैं।

-प्रमुख मार्गों से निकला संचलन, हुई पुष्पवर्षा:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन शहर के क्र.1 स्कूल से प्रारम्भ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से निकला, जहां लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वयं सेवकों का स्वागत किया। आयोजन से पूर्व परम-पवित्र भगवा ध्वज के प्रणाम के साथ शस्त्रों का पूजन किया गया।

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