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(रास) नागरिकता संशोधन बिल पर राज्‍यसभा में कांग्रेस का हंगामा

नई दिल्‍ली (ईएमएस)। संसद के उच्च सदन राज्‍यसभा में आज कार्यवाही शुरू होते ही नागरिकता संशोधन बिल के मुद्दे पर कांग्रेस ने सदन में हंगामा कर दिया। इसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्‍थगित कर दी। इस बीच शिवसेना नेता राउत ने कहा है कि बिल के कई मुद्दों को लेकर शिवसेना के मन में शंका है। लोकसभा में हालात और आंकड़े अलग थे। सरकार बिल पर शंका दूर करे। राज्‍यसभा में बिल पर क्‍या करना है, शिवसेना ने इस पर अभी फैसला नहीं किया है। तमिल शरणार्थी भी हिंदू हैं। इस बीच नागरिकता संशोधन बिल 2019 (कैब) लोकसभा से पारित होने के बाद बुधवार (11 दिसंबर) को राज्यसभा में दोपहर 12 बजे पेश किया जाएगा। इस बिल की बहस के लिए 6 घंटे का वक्त सभापति की तरफ से रखा गया है। उधर, विपक्ष ने इस बिल का विरोध तेज कर दिया है। कांग्रेस ने अपनी सभी जिला इकाइयों को देशभर में प्रदर्शन करने को कहा है तो वहीं सरकार राज्यसभा में इस बिल को पास कराने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है। सरकार की तरफ से राज्यसभा के लिए पूरा होमवर्क किया गया है और तमाम पार्टियों से समर्थन लेकर संख्या बल जुटाने की कोशिश हो रही है।

राज्‍यसभा में बिल पर क्‍या करना है, शिवसेना ने इस पर अभी फैसला नहीं किया है।

नागरिकता संशोधन बिल पर राज्‍यसभा में कांग्रेस का हंगामा
नागरिकता संशोधन बिल पर राज्‍यसभा में कांग्रेस का हंगामा

राज्यसभा में इस वक़्त 240 सांसदों की संख्या है, क्योंकि राज्यसभा में 5 सीटें खाली पड़ी हुई हैं। इस हिसाब से 121 सांसदों के समर्थन के बाद ही ये बिल राज्यसभा में पास हो सकता है। भाजपा के पास इस वक़्त राज्यसभा में 83 सांसद हैं यानी कि भाजपा को 38 अन्य सांसदों की आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन भाजपा के लिए चिंता की बात इसलिए नहीं नज़र आ रही है क्योंकि भाजपा के सहयोगी दलों के साथ-साथ कुछ अन्य दल नागरिकता संशोधन बिल पर सरकार के साथ नज़र आ रहे हैं। एआईएडीएमके (11), जेडूयू (6), एसएडी (3), निर्दलीय व अन्य समेत 13 सांसदों का समर्थन भाजपा को राज्यसभा में मिल सकता है। इस तरह बिल के समर्थन में 116 सांसद नज़र आ रहे हैं। इन पार्टियों के अलावा सरकार के साथ बीजेडी (7), वाईएसआरसीपी(2), टीडीपी(2) सांसदों के साथ नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन कर सकती हैं। कुल मिलाकर 127 सांसदों के साथ यह बिल पास कराने में सरकार सफल हो सकती है। शिवसेना ने लोकसभा में इस बिल का समर्थन किया था लेकिन राज्यसभा में शिवसेना के 3 सांसद क्या इस बिल का समर्थन करेंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बरक़रार है।

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