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मोटापे की संभावना नहीं रहती ऑपरेशन सिजेरियन डिलिवरी से हुए बच्चों में

नई दिल्ली (ईएमएस)। ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ऑपरेशन से पैदा होने वाले बच्चों में नॉर्मल डिलीवरी से पैदा होने वाले बच्चों की मोटापा होने की कोई भी संभावना नहीं होती है। सीधे तौर पर कहा जाए तो सिजेरियन डिलिवरी से पैदा होने वाले बच्चों में मोटापे का खतरा नहीं होता है। बता दें कि ऑपरेशन से पैदा होने वाले बच्चों में मोटापे की आशंका रहती है अभी तक ऐसा माना जाता रहा है। स्वीडन के वैज्ञानिकों ने इस तथ्य पर कि सिजेरियन डिलिवरी से पैदा होने वाले बच्चों में मोटापे का खतरा होता है, पर काम किया है। शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि जो बच्चे नॉर्मल डिलीवरी से पैदा हुए थे वो केवल 4।9 प्रतिशत ही मोटापे का शिकार थे। वहीं, सिजेरियन डिलिवरी से पैदा होने वाले बच्चों में केवल 5.5 फीसदी ही मोटापे का शिकार पाए गए।

ऑपरेशन से पैदा होने वाले बच्चों में नॉर्मल डिलीवरी से पैदा होने वाले बच्चों की मोटापा होने की कोई भी संभावना नहीं होती है।

मोटापे की संभावना नहीं रहती ऑपरेशन से हुए बच्चों में
मोटापे की संभावना नहीं रहती ऑपरेशन से हुए बच्चों में

इस सिलसिले में स्टडी में शामिल डैनियल बर्गलिन्ड ने बताया कि टीम को इस बात का कोई सबूत नहीं मिला जो इस बात की पुष्टि करता हो कि सी-सेक्शन और मोटापा विकसित होने के बीच किसी भी तरह का कोई संबंध है। इससे यह पता चलता है कि कोई महिला अपने बच्चे को किस तरह से जन्म देती है, फिर चाहे नॉर्मल डिलिवरी हो या ऑपरेशन से हुई डिलिवरी, इसका मोटापे से कोई संबंध नहीं है। गहन शोध के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि सिजेरियन डिलिवरी से पैदा हुए बच्चों और मोटापे के बीच कोई कनेक्शन नहीं है। वैज्ञानिकों ने इस शोध के तहत एक लाख लोगों को शामिल किया था जिसमें 18 साल की उम्र तक के लोग थे।

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