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मोटर व्हीकल एक्ट-2019 में भारी जुर्माने पर समर्थन और विरोध

नई दिल्ली (ईएमएस)। मोटर व्हीकल एक्ट-2019 में भारी जुर्माने पर समर्थन और विरोध, दोनों ही देखने को मिल रहा है। कई राज्य इसका समर्थन कर रहे हैं, तो खुद भाजपा शासित कुछ राज्यों ने इससे असहमति जताते हुए जुर्माने की राशि में कमी की है। दूसरी ओर, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि सरकार को इस कानून पर सभी का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा मोटर व्हीकल एक्ट को हर किसी का समर्थन मिल रहा है। जो जुर्माने से नाखुश थे, वे भी कानून से सहमत हैं। जुर्माना राज्यों द्वारा वसूला जा रहा है, केंद्र राजस्व की वसूली नहीं करता है। राज्य 500 से लेकर 5,000 रुपए के बीच कुछ भी जुर्माना रख सकते हैं।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि सरकार को इस कानून पर सभी का समर्थन मिल रहा है।

Support and opposition to heavy fines in Motor Vehicle Act-2019

उल्लेखनीय है कि गडकरी ने पहले भी साफ किया था कि सरकार अपना खजाना भरने के लिए जुर्माने की रकम नहीं बढ़ा रही है बल्कि इसका मकसद सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगाना है। उधर, 1 सितंबर से लागू संशोधित एक्ट के सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। लोगों में यातायात नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ती दिख रही है। इसकी वजह निश्चित रूप से नया नियम और इसे लागू करने वाले ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी है जो हाल के वक्त में देखने को मिली है। कड़े कानून के बाद जहां लोग चालान के डर से अपने वाहनों के दस्तावेज दुरुस्त करने में लगे हुए हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें इस बात की फिक्र होती नहीं दिख रही। तभी पिछले सप्ताह राजधानी दिल्ली में एक ट्रक का दो लाख से अधिक का चालान काटा गया था। ट्रैफिक पुलिस की जांच में पता चला है कि ट्रक के पास जरूर दस्तावेज नहीं थे।

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