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मूली कफ, पित्त और वात का करती है नाश -चिकित्सकीय गुणों से है भरपूर

नई दिल्ली (ईएमएस)। सलाद के रुप में खाए जाने वाली मूली कई औषधीय गुणों से भरपूर है। न केवल मूली बल्कि इसके पत्ते भी कफ, पित्त और वात तीनों दोषों को नाश करने में मदद करते हैं। सर्दी की सब्जियों में सलाद में खीरे, टमाटर के साथ मूली का भी समावेश हो गया है। मूली को कच्चा खाना विशेष रूप से लाभ देता है। मूली पतली ली जानी चाहिए। ज्यादातर लोग मोटी मूली लेना पसंद करते हैं, क्योंकि वह खाने में मीठी लगती है परन्तु गुणों में पतली मूली अधिक श्रेष्ठ है। यदि सूखी मूली का काढा बनाकर जीरे और नमक के साथ उसका सेवन किया जाए, तो न केवल खांसी बल्कि दमे के रोग में भी लाभ होता है।

ज्यादातर लोग मोटी मूली लेना पसंद करते हैं, क्योंकि वह खाने में मीठी लगती है परन्तु गुणों में पतली मूली अधिक श्रेष्ठ है।

Radish destroys phlegm, bile and vata - is full of medical properties

पेट संबंधी रोगों में यदि मूली के रस में अदरक का रस और नींबू मिलाकर नियम से पीया जाए, तो भूख बढती है और विशेष लाभ होता है। मूली के बारे में यह धारणा है कि यह ठण्डी तासीर की है और खांसी बढ़ाती है। परन्तु यह धारण गलत है। पीलिया आदि होने पर जोकि सामान्यत: लीवर के खराब होने से होता है। मूली का सेवन विशेष लाभ देता है। मूली शरीर से कार्बन डाई ऑक्साइड निकालकर ऑक्सीजन प्रदान करती है। थकान मिटाने और अच्छी नींद लाने में मूली का विशेष योदान होता है।

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