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मयंक के दोहरे शतक से भारत का विशाल स्कोर, 502/7 पारी घोषित

विशाखापत्तनम (ईएमएस)। युवा बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के शानदार दोहरे शतक 215 रनों के साथ ही रोहित शर्मा के 176 की आक्रामक पारी से भारत ने पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका पर शिकंजा कस दिया है। टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने मयंक और रोहित के बीच हुई रिकार्ड 317 रन की साझेदारी की सहायता से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी पहली पारी में सात विकेट पर 502 रन बनाये और पारी घोषित कर दी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के 39 रनों पर ही तीन विकेट गिरा दिये। इस प्रकार भारतीय टीम अभी भी 463 रनों से आगे है। दूसरे दिन के खेल का आकर्षण मयंक का दोहरा शतक रहा। मयंक ने 371 गेंदों पर 215 रन बनाये जबकि रोहित ने 244 गेंदों पर 176 रन बनाए। इन दोनों ने ही अपनी पारी में 23 चौके और 6 छक्के लगाए। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी के लिए 20 ओवर का खेल बाकी था। भारतीय स्पिनरों के आगे उसकी शुरुआत बेहद खराब रही है और दिन का खेल खत्म होने तक उसने अपने 3 विकेट गंवा दिए। खेल समाप्त होने के समय बावमा 2 और एल्गर 27 रन पर खेल रहे थे। इससे पहले सुबह खेल समय पर शुरु और भारतीय टीम ने पहले दिन के 202 रन से आगे खेलना शुरू किया। रोहित ने 115 और मयंक ने 84 रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया था। दूसरे दिन का आकर्षण मयंक की बल्लेबाजी रही। मयंक ने पहले सत्र में अपना शतक पूरा किया और लंच के बाद दोहरा शतक जड़ दिया। भारतीय पारी के 115वें ओवर में केशव महराज की पहली गेंद पर दो रन लेकर मयंक ने अपना दोहरा शतक पूरा किया। मयंक का इससे पहले सर्वश्रेष्ठ स्कोर 77 रन था और वह अपने पांचवें टेस्ट में अपने पहले दोहरे शतक पर पहुंचे हैं। दूसरे दिन के दोनों सत्र मयंक के नाम रहे। पहले सत्र में उन्होंने अपना शतक पूरा किया और दूसरे सत्र में उस शतक को दोहरे शतक में तब्दील कर दिया। दोहरा शतक लगाने के साथ ही मयंक चौथे ऐसे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने अपने पहले टेस्ट शतक को दोहरे शतक में बदला है।

रोहित के साथ पहले विकेट के लिए 317 रनों की रिकार्ड साझेदारी

मयंक के दोहरे शतक से भारत का विशाल स्कोर
मयंक के दोहरे शतक से भारत का विशाल स्कोर

मंयक से पहले दिग्गज बल्लेबाज दिलीप सरदेसाई (नाबाद 200) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ साल 1965 में, विनोद कांबली (224) ने इंग्लैंड के खिलाफ 1993 में और करुण नायर (नाबाद 303) ने इंग्लैंड के खिलाफ 2016 में यह कारनामा किया है। इस तरह मयंक भारतीय टीम के लिए 10 साल बाद दोहरा शतक जड़ने वाले सलामी बल्लेबाज बन गए हैं। साल 2009 में टीम इंडिया के आक्रामक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने श्रीलंका के खिलाफ मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम पर 293 रन बनाए थे। मयंक ने इसके साथ ही सहवाग के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली है। वह भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दोहरा शतक जमाया है। यह उनका भारत में पहला टेस्ट मैच है। इस तरह उन्होंने भारत में खेले गए अपने पहले ही टेस्ट मैच में न सिर्फ शतक, बल्कि दोहरा शतक जमा दिया। रोहित और मयंक ने पहले विकेट के लिए 317 रन की साझेदारी की। भारतीय टेस्ट इतिहास में तीसरी बार ऐसा हुआ है कि भारत के लिए ओपनिंग जोड़ी ने 300 से उपर की साझेदारी निभाई है। वीनू मांकड और पंकज रॉय ने 1956 में चेन्नई में न्यूजीलैंड के खिलाफ ओपनिंग साझेदारी में 413 रन तथा सहवाग और राहुल द्रविड़ ने 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ लाहौर में पहले विकेट के लिए 410 रन जोड़े थे।

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यह भारत की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले सहवाग और द्रविड़ ने 2008 में चेन्नई में दूसरे विकेट के लिए 268 रन जोड़े थे। दोनों ओपनरों ने कुल 391 रन बनाये जो किसी टेस्ट पारी में तीसरे सर्वाधिक ओपनरों का सर्वाधिक योग है। अपनी साझेदारी के दौरान दोनों बल्लेबाजों ने छक्कों का अनोखा रिकॉर्ड बना डाला। रोहित और मयंक ने पहली पारी के दौरान कुल 12 छक्के लगाए। इसमें से रोहित के बल्ले से 6 छक्के और मयंक के बल्ले से 6 छक्के निकले। इससे पहले साल 1994 और 2009 में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय ओपनर्स ने 8-8 छक्के लगाए थे। रोहित अपने दोहरे शतक से जब 24 रन दूर थे कि तभी लेफ्ट आर्म स्पिनर केशव महाराज को मारने की कोशिश में स्टंप हो गए। भारत को दूसरा झटका जल्द लग गया जब पुजारा को तेज गेंदबाज वेर्नोन फिलेंडर ने बोल्ड कर दिया। पुजारा ने 17 गेंदों में छह रन बनाये। मयंक और विराट ने तीसरे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की। विराट को सेनुरन मुथुसामी ने अपनी ही गेंद पर कैच किया। भारतीय कप्तान ने 40 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 20 रन बनाए। केशव महाराज ने रहाणे और विहारी के विकेट भी लिए जबकि लेफ्ट आर्म स्पिनर डीन एल्गर ने मयंक का कीमती विकेट लिया। साहा को डेन पिएट ने आउट किया। जडेजा 46 गेंदों में एक छक्के की मदद से 30 रन बनाकर नाबाद रहे। महाराज ने 55 ओवर में 189 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि फिलेंडर, पिएट, मुथुसामी और एल्गर को एक-एक विकेट मिला।

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