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नागरिकता संशोधन बिल- भाजपा-संघ का हिंदुत्व चेहरा बने अमित शाह

नई दिल्ली (ईएमएस)। संसद में नागरिकता संशोधन बिल पर बहस के दौरान लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने जिस तरह विपक्ष के सवालों का जवाब दिया उससे वह भाजपा और संघ के हिंदुत्व का नया चेहरा बन कर उभरे हैं। संघ और भाजपा के सभी अहम एजेंडे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोर्चा संभाले दिख रहे हैं। बतौर गृहमंत्री अमित शाह ने ट्रिपल तलाक, कश्मीर से धारा-370 हटाने के बिल को पास कराया और अब जिस तरह लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा और बिल पास होने के दौरान शाह ने मोर्चा संभाला वह उनका राजनैतिक कौशल ही कहा जाएगा। क्योंकि उस समय पीएम नरेंद्र मोदी सदन में नहीं रहे। हालांकि शाह ने कई बार पीएम मोदी और उनके गाइडेंस का जिक्र किया। 2014 में मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद अमित शाह को चुनावी रणनीति में माहिर खिलाड़ी के तौर पर देखा गया

संघ और भाजपा के सभी अहम एजेंडे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोर्चा संभाले दिख रहे हैं।

नागरिकता संशोधन बिल- भाजपा-संघ का हिंदुत्व चेहरा बने अमित शाह
नागरिकता संशोधन बिल- भाजपा-संघ का हिंदुत्व चेहरा बने अमित शाह

लेकिन जब दोबारा भाजपा ने केंद्र में वापसी की तो शाह का रोल भी बढ़ गया। नई सरकार में अब तक बतौर गृहमंत्री वह तीसरा अहम बिल (जो संघ के एजेंडे के भी करीब है) पास करवाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। कश्मीर से धारा-370 हटाने का बिल राज्यसभा में लाया गया और वहां पूरा मोर्चा अमित शाह ने संभाला। तब पीएम राज्यसभा में नहीं थे। इसका श्रेय भी शाह को दिया गया और भाजपा समर्थक उन्हें लौह पुरुष की संज्ञा देने लगे। तब से ही भाजपा के भीतर यह चर्चा भी चलने लगी कि पीएम नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी अमित शाह ही हैं और मोदी के बाद शाह ही पीएम बनेंगे। पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भाजपा -संघ के हिंदुत्व का चेहरा माना जा रहा था वह बदलता दिख रहा है।

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