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देश के लिए पदक जीतने हैं अवॉर्ड मिले या नहीं मिले : पंघाल

एकातेरिनबर्ग (ईएमएस)। विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के पहले सिल्वर मेडलिस्ट भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने अमित पंघाल ने कहा कि उन्हें पुरस्कार से नहीं बल्कि पदकों से प्यार है। अमित को यहां जारी विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के 52 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में हार के साथ ही रजत पदक मिला है। अमित से पहले कोई भी भारतीय पुरुष मुक्केबाज विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक भी नहीं पहुंच सका था। पंघाल को इस साल अर्जुन अवॉर्ड के लिए भी नहीं चुना गया था।

अमित को यहां जारी विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के 52 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में हार के साथ ही रजत पदक मिला है।

Whether to win or not to win a medal for the country

पंघाल ने पदक जीतने के बाद अपने टि्वटर अकाउंट पर एक विडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा, ‘उम्मीद तो स्वर्ण की लेकर आए थे लेकिन कुछ कमियां रहीं हैं जो मुकाबले में दिखीं, आगे के लिए उन पर काम करेंगे। उज्बेकिस्तान के इस मुक्केबाज को हम ओलिंपिक में अच्छी टक्कर देंगे। अवॉर्ड से मेरे लिए देश के लिए पदक जीतना ज्यादा जरूरी है। मुझे देश के लिए पदकों से प्यार है न कि अवॉर्ड से। अवॉर्ड मुझे दिए जाएं या ना दिए जाएं, इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता। मैं अपने देश के लिए पदक जीतता आया हूं और जीतता रहूंगा।’

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