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देश की आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री में ज्यादा नौकरियां खत्म होने के आसार नहीं

नई दिल्ली (ईएमएस)। टेक सर्विसेज और बिजनस प्रोसेस मैनेजमेंट कंपनियों में होने वाले 100 कामों में सिर्फ 7 काम ही रोबोट के द्वारा किए जा रहे हैं। इस देखकर आने वाले समय में देश की आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री में ज्यादा नौकरियों के खत्म होने के आसार नहीं हैं। अलग-अलग काम में रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (आरपीए) तकनीक के इस्तेमाल से रोल क्रिएट हुए हैं, लेकिन उन रोल्स में फिट करने के लिए कंपनियों को कर्मचारियों को नए सिरे से ट्रेनिंग देना पड़ रहा है। आरपीए कंपनी ऑटोमेशन एनीवेयर के मुताबिक,बड़ी टेक सर्विसेज और बीपीएम कंपनियों में औसतन 5-7 प्रतिशत काम ऑटोमेटेड हुए हैं। आज उन कंपनियों में एचआर, बैक ऑफिस सपोर्ट और कुछ हाई-वैल्यू टास्क बॉट के जरिए हो रहे हैं।

कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बीएम. भानुमूर्ति ने बताया,चौथी औद्योगिक क्रांति में ऑटोमेशन हकीकत बनता जा रहा है।

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दिग्गज आरपीए फर्म यूआईपाथ का कहना है कि हर कंपनी में ऑटोमेशन का प्रतिशत अलग-अलग है और कुछ मामलों में यह एक अंकों से ज्यादा है। करीब 177 अरब डॉलर के आईटी बीपीएम सर्विसेज सेक्टर में लगभग 41 लाख लोग काम करते हैं। सेक्टर में इमर्जिंग टेक स्किल वाले टैलेंट की हायरिंग में हाल ही में तेजी देखी गई है। विप्रो ने बताया कि मौजूदा वित्तवर्ष की पहली तिमाही में फिक्स प्राइस प्रॉजेक्ट्स में बॉट्स के जरिए होने वाले काम बढ़कर 15 प्रतिशत हो गए थे, जो इसकी पिछली तिमाही में 11 प्रतिशत था। कंपनी ने बताया कि उसके यहां ‘ह्यूमन प्लस बॉट्स’ मॉडल चलता है। कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बीएम. भानुमूर्ति ने बताया,चौथी औद्योगिक क्रांति में ऑटोमेशन हकीकत बनता जा रहा है। हमारा मानना है कि मनुष्य और रोबॉट एक साथ काम कर  सकते हैं।

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