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डायबीटीज यानी मधुमेह से बचने के ‎लिये लाइफस्टाइल में करें सुधार

नई दिल्ली(ईएमएस)। डायबीटीज यानी मधुमेह जिसे साधारण शब्दों में शुगर की बीमारी भी कहा जाता है। इससे आज की तारीख में हर आयु वर्ग के लोग डरने लगे हैं। बता दें ‎कि पहले जहां इसे बुजुर्गों में होने वाली बीमारी माना जाता था वहीं आज के समय में 10-15 साल के बच्चों को भी डायबीटीज हो रहा है। बता दें ‎कि सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पहले जहां रोज मधुमेह के 35-40 मरीज आते थे, वहीं अब रोज 50 मरीज आते हैं। इन सबको देखते हुए डॉक्टरों ने कहा ‎कि अगर इंसान थोड़ा परहेज कर ले व सावधानी बरते, साथ ही अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करे तो डायबीटीज से बचा जा सकता है। इसके बारें में बी के अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहित ने बताया कि करेला व नीम जैसी कड़वी चीजें शुगर और फैट को नियंत्रण में रखने में सहायक होती हैं।

बता दें ‎कि पहले जहां इसे बुजुर्गों में होने वाली बीमारी माना जाता था वहीं आज के समय में 10-15 साल के बच्चों को भी डायबीटीज हो रहा है।

क्यों‎कि शारीरिक मेहनत न करने और तनाव के कारण लोग मोटापे का शिकार होते हैं, फिर मधुमेह होने लगता है। ले‎किन जीवनशैली में बदलाव कर बीमारी पर काबू पा सकते हैं। बता दें ‎कि एमएनसी में जॉब करने वाला एक 25 साल का युवक को मोटापे की शिकायत हो गई। वह सेक्टर-8 सर्वोदय अस्पताल में जांच कराने के लिए आया। जहां पता चला कि उसको डायबिटीज हुई है, जबकि उसके घर में किसी को भी यह बीमारी नहीं है। इस पर डॉक्टर ने बताया कि एकाएक मोटापा बढ़ना भी डायबिटीज का मुख्य लक्षण है। वहीं, क्यूआरजी हेल्थ सिटी हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुंदरी श्रीकांत ने बताया कि डायबीटीज की बीमारी एक दीमक की तरह है, जो बाहर से दिखाई नहीं देती है, लेकिन अंदर ही अंदर सारे शरीर को खत्म कर देती है।

डायबीटीज यानी मधुमेह से बचने के ‎लिये लाइफस्टाइल में करें सुधार
डायबीटीज यानी मधुमेह से बचने के ‎लिये लाइफस्टाइल में करें सुधार

इस बीमारी के प्रति लोग ज्यादा गंभीर नहीं दिखाई देते हैं। साथ ही दवाइयां भी कुछ समय बाद अपनी मर्जी से बंद कर देते हैं। ले‎किन इससे भी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। बता दें ‎कि डायबीटीज अन्य बीमारियों को भी न्योता देती है। इसका सबसे ज्यादा असर किडनी पर पड़ता है। इसके चलते लोग अंधे हो जाते हैं, गैंगरीन हो जाता है और हार्ट अटैक की ज्यादातर गंभीर बीमारियां भी डायबीटीज के कारण होती हैं। हालां‎कि टाइप-2 डायबीटीज सबसे आम समस्या है। जो‎कि आमतौर पर 40 वर्ष की आयु के बाद होती है, लेकिन आज यह बीमारी 20 और 30 साल के लोगों में देखने को मिल रही है।

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