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टीटी नगर को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने के कई प्रोजेक्ट पिछड़ गए हैं

भोपाल (ईएमएसा)। टीटी नगर को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने के कई प्रोजेक्ट पिछड़ गए हैं। आधुनिक हाई राइज सरकारी इमारतों के काम ही छह महीने से एक साल तक पीछे चल रहे हैं। छह सौ अस्सी करोड़ से अधिक लागत से किए जा रहे इन प्रोजेक्ट में अब भी कई रोड़े हैं। ऐसे में ये और लेट हो सकते हैं। भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को टीटी नगर की 342 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। यहां होटल पलाश रेसीडेंसी के सामने, गैमन के सीबीडी प्रोजेक्ट के पीछे और सुनहरी बाग के पास 2800 से ज्यादा सरकारी मकान बनाए जाना हैं। इसके लिए 13, 14 मंजिला इमारतें बनाई जाएंगी। इन बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरा से लेकर तमाम स्मार्ट इंतजाम होंगे जो निजी प्रोजेट्स में भी नहीं होते हैं।

टीटी नगर में बहुमंजिला सरकारी इमारतों में बनाए जाना हैं 2800 से ज्यादा स्मार्ट मकान

Many projects to transform TT Nagar into smart cities have been lagged behind.

शुरुआत से ही दिक्कत, अब भी बरकरार
बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में शुरुआत से ही दिक्कत आती रहीं। पलाश रेसीडेंसी के सामने प्रोजेक्ट की जद में तीन
सरकारी मकान, 25 दुकान, तीन मंदिर, नाला, बिजली की लाइन और होटल मिड टाउन था। अभी दुकान, मंदिर, नाला और होटल की समस्या बरकरार है। ऐसे में वहां 65 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। इसी तरह गैमन इंडिया के पीछे साइट पर 297 सरकारी मकान, नूतन सुभाष व संस्कृत स्कूल, 128 झुग्गियां, बिजली की लाइन व पोल और एक ट्रांसफॉर्मर था। मौजूदा स्थिति में 250 से ज्यादा सरकारी मकान खाली करा लिए गए हैं। दो स्कूल, झुग्गी बस्ती, बिजली लाइन व ट्रांसफॉर्मर और 41 मकान शिफ्ट किया जाना हैं। इस कारण करीब एक साल में प्रोजेक्ट का पांच फीसदी निर्माण हो सका है। सुनहरी बाग के पास के प्रोजेक्ट में 157 सरकारी मकान, बिजली लाइन और 150 झुग्गियां रोड़ा बनी हुई हैं। हालत यह है कि एक साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। यानि प्रगति शून्य है।

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