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जिले में आया यूरिया का एक और रैक, 4-4 बोरी बटा गोदाम पर खाद

अशोकनगर (ईएमएस)। जिले में यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में आने के बाद भी किसानों को अपनी जरूरत के मुताबिक यूरिया नहीं मिल पा रहा है। वहीं अवैद्य रूप से निजी दुकानों पर यूरिया पहुंच रहा है। कृषि विभाग और नायब तहसीलदार के साथ संयुक्त टीम ने दो जगह निजी दुकानों पर छापा मारा तो उन दोनो दुकानों पर बड़ी मात्रा में यूरिया खाद मिला। इन दुकानों से किसानों को मनमाने दामो में यूरिया खाद की कट्टी बेची जा रही थी। इसकी जानकारी अधिकारियों को लगी। जिसको लेकर प्रशासन द्वारा दो टीमें गठित की गई और टीमे मौके पर पहुंचकर खाद जप्त कर लिया। यूरिया के लिए किसान रात-रातभर लाइन में लग रहा है और गोदाम से अवैद्य रूप से यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। इसका खुलासा तब हुआ, जब बीते रविवार के दिन तहसीलदार द्वारा दुकानों पर छापामार कार्रवाई की गई। राजपुर कस्बे में दो दुकानों पर 62 बोरी यूरिया जप्त किया गया। इन व्यापारियों द्वारा 265 रुपये यूरिया की बोरी 500 रुपये में बेची जा रही थी। इस पर नायब तहसीलदार रोहित रघुवंशी जांच करने पहुंचे तो दो दुकानों पर बिना लायसेंस के यूरिया रखा मिला। जिसे जप्त कर लिया गया। टीम द्वारा मुनीम पुत्र दौलत खां से 46 बोरी और राहुल पुत्र आजाद जैन से 16 बोरी यूरिया की जप्त की गईं। दोनों दुकानों को सील्ड कर दिया गया है। जो यूरिया जप्त हुआ है वह किसान यूरिया है। राहुल जैन के पास अपनी दुकान का लायसेंस उत्तम खाद का था और वह किसान यूरिया रखकर बैच रहा था। कृषि विभाग के अधिकारियों के कहे अनुसार यूरिया खाद गोदाम से ही कालाबाजारी होने की संभावना जताई गई है। जबकि व्यापारी द्वारा शहर के ही एक व्यापारी से खरीदना बताया जा रहा है।

कृषि विभाग और नायब तहसीलदार के साथ संयुक्त टीम ने दो जगह निजी दुकानों पर छापा मारा तो उन दोनो दुकानों पर बड़ी मात्रा में यूरिया खाद मिला।

-मिली भगत से निजी दुकानों पर पहुंच रहा है खाद:
गोदाम से इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया लोगो के पास पहुंच जाए और उसे दुगने दामों पर किसानों को वांटा जा रहा है। इससे अन्नदाता के साथ नाइंसाफी ही होगी। ऐसे ही कुछ किसान अपनी बात कहकर प्रशासन को कोस रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकारी गोदाम से ही खाद की कालाबाजारी कर अथाईखेड़ा और राजपुर यूरिया भेजा गया है। अशोकनगर में भी ऐसी कई निजी दुकानें हैं, जिन पर यदि प्रशासन द्वारा जांच की जाए तो यूरिया बड़ी मात्रा में अपनी दुकानों के पीछे छिपाकर रख लिया है। कोलुआ रोड़ पर कुड़ीखाद के पास स्थित खाद की दुकान पर भी बड़ी मात्रा में यूरिया रखा हुआ है। मण्डी रोड़ पर भी दुकानों में यूरिया रखा है। वहीं कृषि विभाग के एसएडीओ श्री रघुवंशी का कहना है कि पकड़े गए व्यापारी शहर के ही एक व्यापारी का नाम ले रहे हैं। जबकि वो व्यक्ति खाद के लिये लायसेंस ही नहीं है। यूरिया तो गोदाम से ही गया होगा इसकी मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है। अथाईखेड़ा और राजपुर में शटरों के अन्दर रखा यूरिया किसानों को अवैद्य रूप से दोगुने भावों में बेचा जा रहा था दुकानों पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रोहित रघुवंशी द्वारा सील किया गया। अभी प्रशासन जांच कर किसी निश्कर्ष पर नहीं पहुंचा है आखिर यूरिया राजपुर और अथाईखेड़ा कहां से पहुंचा है।

जिले में आया यूरिया का एक और रैक, 4-4 बोरी बटा गोदाम पर खाद
जिले में आया यूरिया का एक और रैक, 4-4 बोरी बटा गोदाम पर खाद

-ट्रक से ही किया यूरिया का वितरण:
सोमवार को सरकारी खाद गोदाम पर किसानों को चार-चार बोरी यूरिया दिया जा रहा था। तहसीलदार इशरार खान सुबह ही खाद गोदाम पर पहुंच गए थे और पूरे खाद की जानकारी कृषि विभाग के एसएडीओ मुकेश रघुवंशी से ली। साथ ही 1250 किसानों को पर्चियां बाटी इसके बाद भी किसानों को रसीद कटवाने के लिये लाइन में लगना पड़ा। मजे की बात यह रही कि सोमवार को खाद गोदाम में ट्रक खाली नहीं किया गया। भरे ट्रक से ही किसानों को डायरेक्ट यूरिया वितरण किया गया। खाद लेने के लिये बड़ी संख्या में महिलाएं भी लाइन में लगकर यूरिया के लिये इंतजार कर रहीं थीं। प्रशासन का दावा है कि किसानों को यूरिया बाटा जा रहा है और अव्यवस्थाएं न फेलें इसके लिये पुलिस के साथ ही कृषि व राजस्व विभाग के कर्मचारी भी लगे हुए हैं।

-यूरिया का आया दूसरा रैक:
जिले में यूरिया से भरा दूसरा रैक अशोकनगर आ गया है। जिसमें 1500 टन यूरिया होने से किसानों की समस्या खतम हो सकेगी। वहीं इस रैक में से 120 टन खाद सागर व विदिशा जिला जाना था। जिसे आवश्यकता देखते हुए प्रशासन द्वारा जिले में ही रखवाया गया है। यूरिया खाद की किल्लत से जूझ रहे जिले को सोमवार दूसरा रैक मिलने से कृषि विभाग सहित अन्य विभाग के आला अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। यूरिया का रैक आ जाने से किसानों की यूरिया की आवश्यता को पूरा किया जा सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार बारिश अच्छी होने से किसानों ने रकवा बढ़ाया है। किसानों ने गेहूं की फसल 1 लाख 55 हजार हैक्टेयर में बोई है वहीं एसएडीओ श्री रघुवंशी ने बताया कि कुछ किसान चने में भी यूरिया डाल रहे हैं जो गलत है। चने में बेसे ही नाईट्रोजन होता है। इससे फसल खराब हो सकती है। उन्होने बताया कि इस बार बारिश अच्छी होने से किसान अधिक मात्रा में गेहूं की बोवनी कर रहे हैं जिससे यूरिया खाद का संतुलन बिगड़ा है। पिछली साल 1024 मिमी बारिश हुई थी इस वर्ष 1426 मिमी बारिश हुई है जिससे गेहूं का रकवा बड़ा है। सोमवार को 1500 टन यूरिया आया है। जिसे पूरे जिले में भेजा जा रहा है।

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