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इंद्रावती बचाओ जनजगरण अभियान के सदस्यों ने दलपत सागर में की सफाई

जगदलपुर (ईएमएस)। बस्तर की प्राणदायनी इंद्रावती नदी को बचाने के लिए शुरू हुई इंद्रावती बचाओ जनजागरण अभियान अब बस्तर की ऐतिहासिक धरोहर दलपत सागर को बचाने के लिए भी एक बड़े अभियान की शुरुआत की गई है.5 नवंबर की सुबह दलपत सागर को बचाने के लिए तालाब के किनारे वृहद रूप से साफ सफाई अभियान शुरू कि गई .इस अभियान में बड़ी संख्या में नगरवासी पहुंचे और तालाब के अंदर फेंके गए कचरों व जल कुंडलियों को बाहर निकाला गया.तालाब को मूल रूप में लाने यह अभियान सतत जारी रहेगा. इंद्रावती बचाओ जन जागरण अभियान का उद्देश्य शासन प्रशासन को दलपत सागर को बचाने के लिए जागृत करना है.30 अक्टूबर को पत्रकार भवन में आयोजित बैठक के बाद दलपत सागर को बचाने के लिए योजना तैयार हुई थी और उसके बाद आज से इंद्रावती बचाओ जन जागरण अभियान के सदस्यों ने अभियान की शुरुआत कर दी.

सबसे बड़े तालाब को संरक्षित करने शासन प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराना है उद्देश्य

दलपत सागर में बड़ी संख्या में लोगों ने कचरे फेंके थे जिन्हें प्रथम दिन बाहर निकाला गया इसके अलावा तालाब में उग आये जल कुंभियो व अन्य खरपतवार को बाहर निकाला गया.जिसे नगर निगम की वाहन ने तत्काल मौके से उठा कर ले गई.दलपत सागर में साफ सफाई अभियान प्रतिदिन सुबह 6:00 से 8:00 बजे तक किया जाएगा. अभियान से जुड़े अनिल लुंकड़ ने कहा कि बस्तर की ऐतिहासिक धरोहरों में दलपत सागर भी शामिल है और इसे बचाना बेहद जरूरी है.प्रथम दिन लोगों ने जो श्रमदान किया उससे यह दावा तो नहीं किया जा सकता कि दलपत सागर को जल्द से जल्द साफ कर दिया जाएगा मगर लोगों में धरोहर को बचाने के लिए एक उत्साह जरूर जागी है.दलपत सागर बस्तर की धरोहर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा तालाब है और इसे बचाना हर बस्तरवासियों का कर्तव्य है. पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने कहा कि जिस तरह इंद्रावती बचाने के लिए वृहद रूप से अभियान की शुरुआत हुई उसी तरह दलपत सागर को भी हमें बचाना है.

इंद्रावती बचाओ जनजगरण अभियान के सदस्यों ने दलपत सागर में की सफाई
इंद्रावती बचाओ जनजगरण अभियान के सदस्यों ने दलपत सागर में की सफाई

लोग यदि प्रतिदिन समय निकालकर श्रमदान करें तो निश्चित तौर पर दलपत सागर आम नागरिकों के लिए एक सुंदर जगह बन सकती है श्री सैनी ने कहा कि तालाबों की उपेक्षा ठीक नहीं है हजारों की संख्या में तालाब विलुप्त हो रहे हैं और इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास होना चाहिए। अभियान के सदस्य प्रदीप पांडे ने कहा कि दलपत सागर में ज्यादातर पॉलिथीन इत्यादि फैंके जाते हैं नगर वासियों को भी अब अपने तालाब को बचाने के लिए पॉलिथीन बोतलें या अन्य कचरे तालाब में नहीं फेंकना चाहिए.बड़े शहरों की तरह तालाबों को संरक्षण करने से सागर भी सुरक्षित हो सकती है और यह मॉर्निंग वॉक तथा शाम के समय लोग घूमने आ सकेंगे.हमें इस ओर भी ध्यान देना होगा कि कि शासन प्रशासन इस ओर ध्यान दें तथा तालाब को संरक्षित करने एक बड़ी और कारगर योजना तैयार करें। सफाई अभियान में बड़ी संख्या में इंद्रावती बचाव जनजागरण अभियान के सदस्य व नगरवासी शामिल हुये।

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