witnessindia
Image default
Lifestyle Science Social World

आधुनिक जीवनशैली की वजह से तेजी से लोगों को अपना शिकार बनाती जा रही है

अवसाद एक मानसिक समस्या होती है, जो आजकल की आधुनिक जीवनशैली की वजह से तेजी से लोगों को अपना शिकार बनाती जा रही है। तनाव या अवसाद के कई कारण हो सकते हैं। इनके कारणों के आधार पर इनके तमाम इलाज भी ढूंढे जाते हैं। लोगों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा, अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष, किसी तरह का मानसिक आघात या फिर रिश्तों में किसी भी प्रकार का मनमुटाव, इनमें से कुछ भी अवसाद का कारण हो सकता है। हाल ही में हुए एक शोध में तनाव के एक और कारण की खोज की गई है। इस शोध में यह दावा किया गया है कि इम्यून (रोग प्रतिरोधी ) प्रणाली में गड़बड़ी की वजह से भी अवसाद की समस्या हो सकती है। इस तरह के अवसाद को एंटी-इन्फ्लेमेट्री यानी कि सूजनरोधी दवाओं के इस्तेमाल से सही किया जा सकता है।

रिसर्चर्स का कहना है कि यह बात स्पष्ट रूप से सही है कि सूजन या फिर जलन की वजह से अवसाद हो सकता है।

Due to the modern lifestyle, people are increasingly becoming victims.

अवसाद के इलाज के लिए फिलहाल जिन तरीकों का प्रयोग किया जाता है उनमें दिमाग में मूड-बूस्टर रसायनों तथा सेरोटोनिन की मात्रा को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाता है। शोधकारों ने अपने अध्ययन में यह पाया है कि इम्यून सिस्टम के ज्यादा क्रियाशील होने से सारे शरीर में सूजन, निराशा की भावना तथा थकान के लक्षण प्रदर्शित होते हैं। हाल के अध्ययनों से यह बात साफ हुई है कि सूजन का इलाज डिप्रेशन का भी इलाज है। रिसर्चर्स का कहना है कि यह बात स्पष्ट रूप से सही है कि सूजन या फिर जलन की वजह से अवसाद हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि सूजन और अवसाद के बीच गहरा संबंध होता है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि सूजनरोधी दवाओं के इस्तेमाल से डिप्रेशन के दूर होने के दावों का मेडिकल परीक्षण अगले साल से शुरू हो जाएगा। ऐसे में यह बात पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी कि इन दवाओं के इस्तेमाल से अवसाद का इलाज किया जा सकेगा या नहीं।

Related posts

शक्ति के आराधना पर्व की कलासाधको द्वारा अद्भुत प्रस्तुति

Publisher

लाइफस्टाइल में बदलाव घातक बीमारी है कैंसर, आदतें बदलें और बचें

Publisher

‎प्रियंका ने खस्ताहाल अर्थव्यवस्था पर ‎फिर साधा मोदी सरकार पर ‎निशाना

Publisher

Leave a Comment