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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ड्रामा क्लब नाटकों के माध्यम से दर्शकों का मनमोहा

अलीगढ़ (ईएमएस)। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ड्रामा क्लब द्वारा आयोजित कैम्पस वाईड के दौरान क्लब के सदस्यों ने यूनिवर्सिटी के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर अपने हुनर को दर्शाया। इस सफर की शुरूआत उन्होंने बेगम सुल्तान जहां हाल से की। जहां रंगमंच पर टैक्स फ्री, बाबाजी की बूटी, दा बीयर और सोशल-ए-आजम जैसे नाटक प्रस्तुत किये। अगले दिन ये नाटक मंडली पहुंची बेगम अजीज उन निसां हाल पहुंची जहां उन्होंने मेरी प्यारी बिन्दू, सोशल-ए-आजम और डेमोक्रेजी नाटकों का मंचन किया। साथ ही एक माइम जिसका शीर्षक था बैलून और एक मोनोलोग आर्टिस्ट लोग का प्रदर्शन किया।

नाटक मंडली पहुंची बेगम अजीज उन निसां हाल पहुंची जहां उन्होंने मेरी प्यारी बिन्दू, सोशल-ए-आजम और डेमोक्रेजी नाटकों का मंचन किया।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ड्रामा क्लब नाटकों के माध्यम से दर्शकों का मनमोहा
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ड्रामा क्लब नाटकों के माध्यम से दर्शकों का मनमोहा

इस शाम का अंत हुआ एक भावपूर्ण नाटक दास्तान-ए-इशक से। एक नई सुबह ड्रामा क्लब को लेके गर्ल्स वीमेन्स कालिज आडिटोरियम में क्लब द्वारा प्रदर्शित किए गए सड़क के किनारे, दास्तान-ए-इश्क, मुहाजिर और दा बीयर इसके पश्चात इंदिरा गांधी हाल में प्रदर्शित किये गए बाबाजी की बूटी, सोशल-ए-आजम और डेमोक्रेजी। दोनों स्थानों में ही क्लब के सदस्यो ने अपने दर्शाकों का दिल जीत लिया। कैंपस वाईड के चौथे दिन ड्रामा क्लब ने केनेडी आडीटोरियम में प्रस्तुति दी। यहा पर पेश गए टैक्स फ्री मुहाजिर बाबाजी की बूटी मुहाजिर, मेरी प्यारी हिंदु और सोशल-ए-आजम को काफी सराहा गया। कैंपस वाईड के अंतिम दिन में मोहन राकेश द्वारा लिखित नाटक आधे अधूरे जिसे दर्शकों ने बड़ी दिलचस्पी से देखा।

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